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Showing posts from September, 2022

एक सुहागन की ओर से माता रानी का बहुत सुंदर भजन | Blog post by Kavita Agarwal |

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मित्रों, नवरात्रि के विशेष अवसर पर माता रानी का एक बहुत सुंदर व प्रचलित भजन प्रस्तुत है। मैया अमर करो सिंदूर, सुहागन वर मांगे । अमर करो मेरे माथे का टीका, मैं मांग भरूँ भरपूर , सुहागन वर मांगे । मैया अमर करो सिंदूर,सुहागन वर मांगे।   अमर करो मेरे माथे की बिंदिया , वो चम चम चमके जरूर ,सुहागन वर मांगे।  मैया अमर करो सिंदूर , सुहागन वर मांगे ।  अमर करो मेरे नैनों का काजल , अंखियों से बरसे नूर , सुहागन वर मांगे। मैया अमर करो सिंदूर, सुहागन वर मांगे। अमर करो मेरे हाथों की मेहंदी ,  वो लाल लाल दमके जरूर , सुहागन वर मांगे।  मैया अमर करो सिंदूर ,  सुहागन वर माँगे । अमर करो मेरे हाथों की चूड़ियां , वो खनखन खनके जरूर ,सुहागन वर मांगे। मैया अमर करो सिंदूर , सुहागन वर मांगे । अमर करो मेरे पैरों की पायल , वो छन छन छनके जरूर , सुहागन वर माँगे। मैया अमर करो सिंदूर ,  सुहागन वर मांगे । अमर करो मेरी गोद का ललना , वो अंगना खेले भरपूर , सुहागन वर मांगे। मैया अमर करो सिंदूर , सुहागन वर माँगे। अमर रहें मेरे जीवन साथी , मैं सुख पाऊँ भरपूर, सुहागन वर माँगे। मैया अमर करो सिंद...

गणपति आन पधारो | Blog Post by Kavita Agarwal |

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गणपति आन पधारो गणपति आन पधारो , मेरे तन मन धन में । हृदय को जान सिंहासन, विराजो मेरे अंतर्मन में।। अश्रुओं के गंगाजल से, चरण कमल पखारूँ, मुस्कानों के कुसुमदल से, पवित्र हार चढ़ाऊँ, भर देना आशा की जोत, मेरे मन-उपवन  में।  गणपति आन  पधारो,  मेरे तन मन धन में।। हृदय- रक्त से तिलक लगाऊँ, श्वासों से अपने चँवर डुलाऊँ,  धड़कन से गीत सुनाऊँ, मैं अपनेपन में। गणपति आन पधारो, मेरे तन मन धन में।। आकर ना जाना कभी,मेरे जीवन में, हर क्षण देना साथ,मेरे करुण-क्रंदन में, रखना शीश पे हाथ, संकट के छन में। गणपति आन पधारो, मेरे तन मन धन में।। हृदय को जान सिंहासन,विराजो मेरे अंतर्मन में।। - Kavita Agarwal                              🙏🙏